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जनà¥à¤® के à¤à¤• घंटे के अंदर नवजात को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवाया जाता है. डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की गाइडलाइंस के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करना जरूरी बताया गया है. विशेषजà¥à¤ž à¤à¥€ इसे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठअमृत मानते हैं. इसके अलावा à¤à¥€ छह माह तक बचà¥à¤šà¥‡ को सिरà¥à¤« मां का दूध देने की ही बात कही जाती है. जानिठमां का दूध बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत को किस तरह से फायदा पहà¥à¤‚चाता है.
1. नवजात के जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद निकलने वाला मां का पहला दूध कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® कहलाता है. बीटा-कैरोटीन की उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ के कारण इसका रंग पीला या संतरी होता है. इस दूध से बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फैट, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ मिल जाते हैं. ये बचà¥à¤šà¥‡ की इमà¥à¤¯à¥‚निटी को मजबूत करने वाली कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है, साथ ही बचà¥â€à¤šà¥‡ के शरीर से बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ को निकालकर पीलिया होने को रोकता है.
2. इसके अलावा बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग बचà¥à¤šà¥‡ को यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨, रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ और डायरिया जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाता है.
3. तमाम विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², टॉरिन और डीà¤à¤šà¤ का बेहतर सोरà¥à¤¸ है. ये तीनों पोषक ततà¥à¤µ मानसिक विकास के लिठबेहतर माने जाते हैं. माना जाता है कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग से बचà¥à¤šà¥‡ का आईकà¥à¤¯à¥‚ à¤à¥€ विकसित होता है.
4. विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की मानें तो मां को à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ से 10 से 15 मिनट तक फीड कराना चाहिà¤. शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के तीन-चार दिन तक बचà¥à¤šà¥‡ को कई बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान दूध अधिक बनता है और यह उसके लिठबेहद जरूरी है. लेकिन फीड कराते समय साफ-सफाई का विशेष खयाल रखें.
5. डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को दो साल की उमà¥à¤° तक बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करानी चाहिà¤. जनà¥à¤® के पहले घंटे से लेकर छह माह तक मां का दूध ही उसका आहार होना चाहिà¤. छह महीने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ के खानपान में दाल का पानी और केला जैसी चीजें शामिल करनी चाहिà¤. à¤à¤• साल के बाद उसे दलिया, सूजी की खीर, फल वगैरह खिलाà¤à¤‚.
इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नहीं कराà¤à¤‚ फीड
1. सामानà¥à¤¯ मामलों में मां का दूध बचà¥à¤šà¥‡ के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होता है. लेकिन अगर मां à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ पॉजिटिव, टीबी या कैंसर की मरीज है, कीमोथैरेपी ले रही है तो उसे फीड नहीं कराना चाहिà¤.
2. इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‡ को गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ नाम की बीमारी है, तो à¤à¥€ उसे फीड न कराà¤à¤‚. इस बीमारी के चलते बचà¥à¤šà¤¾ दूध में मौजूद शà¥à¤—र को पचा नहीं पाता.
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